मैं आपसे जानना चाहूंगी कि सोलर लगवाने की इंस्पिरेशन आपको कहां से मिली? कब ऐसा महसूस हुआ कि आप सोलर लगवा लेना चाहिए? सोलर हमारे पास वाले प्लॉट में ही लगा था। तो उनके रमाकांत जी ने वहां लगाया था। तो वहीं से वो मेरे संपर्क में आए और फिर उन्होंने एडवाइस किया था कि करीब आप 10 किलो वाट का सोलर प्लांट लगाएं। ये आपके लिए काफी यूज़फुल रहेगा। तो उनकी एडवाइस पर ही ये करीब 4 साल पहले सोलर प्लांट लगाया था। और जब से आज तक इसकी जब भी सर्विस की जरूरत पड़ी है वो भी रमाकांत जी ने बहुत अच्छी उपलब्ध कराई है। उनके काम से 100% सेटिस्फाई हैं। और कितना वक्त हो गया आपको सोलर लगवाए हुए? 4 साल हो गए और करीब 61,000 यूनिट बिजली का प्रोडक्शन हो चुका है। और हमने जितने पैसे लगाए थे वो भी हमारे रिकवर हो गए हैं। रिकवर हो गए हैं। यानी कि लोगों में एक भ्रम है कि अरे बाप रे इतना सारा पैसा लगाना पड़ेगा एक साथ। पता नहीं फायदा मिलेगा कि नहीं मिलेगा। उन उन लोगों को क्या एडवाइस देंगे? यही है। ये तो जितनी जल्दी लगाएं उतना ही अच्छा है। उससे फायदे ही फायदे हैं। नुकसान तो कुछ है ही नहीं। जी और जितनी बिजली बनती है उससे ज्यादा ही मतलब ज्यादा बिजली बनती है कम खर्च होता है और आरएससीबी से भी पैसे मिलते हैं और तो चारों तरफ से चांदी ही चांदी हो जाती है। चांदी है। फायदे फायदे हैं। नुकसान तो कुछ है ही नहीं।
