adानी ग्रुप अब इंडिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज सिस्टम बना रहा है जिसमें करीब 2000 मेगावाट घंटे बिजली स्टोर की जा सकेगी। इसका फायदा यह होगा कि दिन में सूरज और हवा से बनने वाली एक्स्ट्रा बिजली इसमें जमा की जा सकेगी और रात में या ज्यादा जरूरत पड़ने पर वही बिजली वापस पूरे शहरों को दी जा सकेगी। पहले दोपहर में सोलर बहुत ज्यादा बिजली बनाता था पर लोगों को उतनी जरूरत नहीं होती थी और ग्रिड इतनी बिजली ले नहीं पाती थी। इसीलिए एक्स्ट्रा बिजली बेकार चली जाती थी और रात में सोलर बंद होने पर कई जगह लाइट भी चली जाती ग्रिड असल में पूरे देश की एक बड़ी बिजली लाइन है जिसमें बिजली बनाने वाले प्लांट पावर डालते रहते हैं और घर दफ्तर उसी से बिजली लेते हैं लेकिन इसे बैलेंस रहना पड़ता है। जितनी बिजली अंदर आए उतनी ही बाहर जाए तभी बिजली लगातार चलती है। अडानी की यह नई बैटरी सिस्टम बिल्कुल घर के इन्वर्टर की तरह काम करेगी। दिन में चार्ज होगी और लाइट की जरूरत होने पर शहरों को बिजली दे देगी। फर्क बस इतना है कि आपका इन्वर्टर सिर्फ एक घर चलाता है। जबकि यह मेगा बैटरी पूरी की पूरी कॉलोनीज, शहरों और इंडस्ट्रियल एरियाज को भी चला सकती है। इससे पावर कट कम होंगे। बिजली स्टेबल रहेगी। थर्मल बिजली पर खर्च घटेगा और इंडिया की फ्यूचर बिजली मोबाइल की तरह आसान हो जाएगी। दिन में चार्ज करो और रात में आराम से चला लो।

Kharcha kum hoga???